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| Uttar Pradesh budget 2026-27 |
उत्तर प्रदेश बजट 2026-27
11 फरवरी, 2026 को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये उत्तर प्रदेश राज्य बजट प्रस्तुत किया। यह बजट वर्ष 2029 तक उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलने के लिये एक रणनीतिक रोडमैप के रूप में कार्य करता है।
मुख्य बिंदु:
वर्ष 2026-27 के लिये कुल बजट अनुमान: ₹9,12,696.35 करोड़, जो पिछले वर्ष के बजट की तुलना में लगभग 12.2-12.9% अधिक है।
पूंजीगत व्यय: परिसंपत्ति निर्माण की दिशा में उल्लेखनीय बदलाव देखा गया है। कुल परिव्यय का 19.5% (लगभग ₹1.78 लाख करोड़) दीर्घकालिक आर्थिक विकास को मज़बूत करने हेतु निर्धारित किया गया है।
राजस्व व्यय: मुख्यतः प्रशासनिक व्यय, वेतन और ब्याज भुगतान को शामिल करता है।
वर्ष 2026-27 के लिये इसका अनुमान लगभग ₹5.83 लाख करोड़ है।
राजकोषीय घाटे की सीमा: GSDP का 3%, जो 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप है और वर्ष 2030-31 तक प्रभावी रहेगा।
ऋण-GSDP लक्ष्य: राज्य वित्तीय स्थिरता पर ज़ोर देते हुए वित्त वर्ष के अंत तक ऋण अनुपात को घटाकर लगभग 23.1% करने का लक्ष्य रखता है।
GSDP: ₹30.25 लाख करोड़ आँकी गई है, जिसमें 13.4% की वृद्धि अनुमानित है।
प्रति व्यक्ति आय: ₹54,564 (2016-17) से बढ़कर ₹1,09,844 हो गया, वर्ष 2025-26 में ~₹1,20,000 तक पहुँचने की उम्मीद है।
गरीबी एवं रोज़गार: लगभग 6 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाले गए और बेरोज़गारी दर 2.24% है।
ये आँकड़े राज्य के तीव्र आर्थिक विस्तार और विकास पथ को दर्शाते हैं।
अवसंरचना (कुल परिव्यय का 25%):
नॉर्थईस्ट कॉरिडोर: गोरखपुर से सहारनपुर को जोड़ने वाले उच्च-गति कॉरिडोर के लिये ₹34,000 करोड़।
जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा: वैश्विक संपर्क बढ़ाने हेतु पाँच रनवे तक विस्तार।
एक्सप्रेसवे: पिछड़े क्षेत्रों को जोड़ने के लिये गंगा और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे हेतु निरंतर वित्तपोषण।
शिक्षा एवं युवा सशक्तीकरण (12.4%):
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना: 5 मिलियन टैबलेट/स्मार्टफोन का वितरण।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना: युवा उद्यमियों को ₹5 लाख तक ब्याज-मुक्त ऋण।
नए विश्वविद्यालय: तीन नए विश्वविद्यालय और 16 नए मेडिकल कॉलेजों की घोषणा।
कृषि एवं किसान समृद्धि (9-12%):
सिंचाई: निजी नलकूपों के लिये मुफ्त विद्युत की व्यवस्था जारी।
गन्ना: वर्ष 2025-26 के लिये गन्ना मूल्य में ₹30 प्रति क्विंटल की वृद्धि, जिससे किसानों की आय में ₹3,000 करोड़ की बढ़ोतरी।
महिला कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा:
कन्या सुमंगला योजना: 26.81 लाख से अधिक बालिकाएं लाभान्वित; बेटी के विवाह हेतु अनुदान ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख।
सेफ सिटी परियोजनाएं: CCTV नेटवर्क और एंटी-रोमियो स्क्वॉड का विस्तार।
छात्राओं एवं कामकाजी महिलाओं की गतिशीलता बढ़ाने के लिये विशेष स्कूटी योजना हेतु ₹400 करोड़ का प्रावधान।
महिलाओं के आर्थिक उत्थान के लिये विशेष कौशल विकास केंद्रों की स्थापना।
परिवारों एवं अल्पसंख्यकों को समर्थन:
गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह सहायता हेतु ₹150 करोड़ का प्रावधान (सामाजिक सुरक्षा तंत्र का हिस्सा)।
समावेशी विकास लक्ष्यों के अनुरूप सामाजिक कल्याण पर विशेष ज़ोर।
औद्योगिक एवं तकनीकी नेतृत्व:
विनिर्माण केंद्र: उत्तर प्रदेश अब भारत के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65% करता है और देश की 55% इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयाँ यहाँ स्थित हैं।
रोज़गार मिशन: 10 लाख युवाओं के लिये घरेलू और विदेशी रोज़गार अवसर बढ़ाने हेतु उत्तर प्रदेश रोज़गार मिशन की स्थापना।
ऊर्जा संक्रमण: स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 2,815 मेगावाट तक पहुँची और वर्ष 2016 से तापीय क्षमता में 55% से अधिक की वृद्धि।







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